Sunday, 8 December 2019
Thursday, 5 December 2019
Vastu Shastra || आपकी गलतियों के कारण पोछा लगाने से घर में कंगाली आ जाती...
दोस्तो पोंछे के पानी में मिलाए नीम के पत्ते धन की देवी लक्ष्मी जी दौड़ी दौड़ी चली आयेंगी ।
दोस्तो, लक्ष्मी जी का वास उसी घर में होता है। जहां कुछ बातों का ध्यान रखा जाता है। यहां हम आपको बताने वाले है कि अपने घर में पोछा लगाते समय किन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। और ऐसा हम क्या करे । कि घर में धन आने के स्रोत बनने लगे।
आपको बता दे। पोछा लगाते वक़्त कुछ लोग जाने अनजाने में ऐसी गलती कर देते है । कि घर में गरीबी अपना वास बना लेती है। और धन आने के बजाय वापस जाने लगता है। इस लिए पोछा लगाते समय पानी में कुछ ऐसी चीजे डाले। जिससे धन जाने की बजाय धन की वर्षा होने लगे।
तो चलिए दोस्तों कुछ बाते जानते है।
1. दोस्तो वास्तु के अनुसार, जब भी आप घर में पोछा लगाए। तो दोपहर के बारह बजे के बाद ना लगाए।
क्योंकि ये समय साफ़ सफाई के लिए अच्छा नहीं माना जाता। अगर आपको धन की प्राप्ति चाहिए। और घर में लक्ष्मी जी का वास हो। तो। अपने घर में सुबह के समय ही पोछा लगाए। ऐसा करने से सकारात्मक परिणाम मिलते है। और धन के अच्छे स्रोत बनते है। क्यों कि सुबह के समय। धन की देवी लक्ष्मी जी के आने के आगमन होते है।
इसीलिए, वास्तु के अनुसार, सुबह सुबह ही साफ़ सफाई करे ।
2. नीम के पत्तों का पानी। अगर आप पोछा लगाए, तो नीम के पत्तों को एक बर्तन में लेकर उबाल ले। और जब पानी उबल जाए। तो नीम के पत्ते हटा दे। और उस पानी में से एक ग्लास पानी लेकर। पोंछे लगाने वाली बाल्टी वाले पानी में मिला दे और फिर पोछा लगाए, अगर आप ऐसा हफ्ते में एक बार भी करते है। तो आपके घर में माता रानी का वास हो जायेगा और आपके घर में भयंकर से भयंकर बीमारियाँ कोसों दूर रहेंगी। और आपके बच्चे बीमार नहीं पड़ेंगे। क्योंकि नीम के पत्तों में हजार गुना शक्ति पायी जाती है। जो कीटाणुओं का नाश करती है। और नकारात्मक ऊर्जा तो उस घर में भटकती तक नहीं ।
3. वास्तु के अनुसार मान्यता है। कि सप्ताह मेंगुरुवार के दिन पोछा लगाने से बचना चाहिए । वास्तु के अनुसार, घर के उत्तर पूर्व दिशा यानी ईशान कोण का कारक ग्रह गुरु है। घर के इस दिशा में पोछा लगाने से गुरु ग्रह अशुभ होता है। और व्यक्ति को भाग्य का साथ नहीं मिल पाता । तो दोस्तों, गुरुवार के दिन पोछा लगाने से बचना चाहिए ।
बर्बादी से बचना है तो ये तस्वीरें घर में भूलकर भी ना लगाए || Vastu Tips
बर्बादी से बचना है तो ये तस्वीरें घर में कतई ना लगाए।
दोस्तो, तस्वीरों और रंगों का आपके मन और भाग्य पर बहुत गहरा असर पड़ता है। अगर आपने अपने घर के शयन कक्ष, रसोईघर या अतिथि कक्ष में नकारात्मक तस्वीरें लगा रखी हैं तो उन्हें तुरंत हटा दें।
पुराणों में कई स्थानों पर वास्तु दोषों के शमन के लिए चित्र, नक्काशी, बेलबूटे, मनोहारी आकृतियों आदि के उपयोग का वर्णन है।
आओ जानते हैं कि हमे कोन कोन सी तस्वीरें नहीं लगानी चाहिए ।
ये तस्वीरें कतई न लगाएं :
1. नकारात्मक तस्वीरों में महाभारत के युद्ध का चित्र कभी घर में ना लगाए, इसके लगाने से घर का माहौल भी महाभारत के युद्ध जैसा ही हो जाता है।
2. ताजमहल का चित्र भी कभी घर में नहीं लगाना चाहिए, इससे भी नकारात्मकता पैदा होती है।
3. किसी की कब्र या समाधि का चित्र भी घर में नहीं लगाना चाहिए, इससे घर में अपशगुन होता है।
4. कांटेदार पौधों का चित्र भी घर में नहीं लगाना चाहिए, इससे आपस में तकरार पैदा होती है।
5. डूबती हुई नाव या जहाज का फोटो भी घर में नहीं लगाना चाहिए, इससे आपके बिजनेस या नौकरी में नुकसान होता है।
6. फव्वारे और जंगली जानवरों के चित्र आदि घर की दीवारों पर लगा रखे हैं तो तुरंत ही हटा दें।
7. बंदर, सर्प, गिद्ध, कबूतर, बाघ, कौआ, गरूड़, उल्लू, भालू, सियार, सूअर आदि की तस्वीरें या मूर्ति घर में कतई न रखें।
8. ऐतिहासिक-पौराणिक घटनाओं को दिखाने वाली तस्वीरें न लगाएं। घर में स्थान-स्थान पर मूर्तियां या चित्र न लगाएं। इनसे लाभ की बजाय हानि होती है। लगातार इन चित्रों को देखते रहने से, नकारात्मक भावों का ही विकास होता है, जिसके चलते हमारे जीवन में अच्छी घटनाएं घटना बंद हो जाती हैं।
9. कभी भी परिवार के मृत व्यक्तियों का चित्र, देवी और देवताओं के साथ न लगाए या रखें। यदि आप अपने मृतकों का चित्र लगाना ही चाहते हैं, तो उनका चित्र उत्तर की दीवार पर इस तरह लगाएं कि उनका मुख दक्षिण की ओर हो। दूसरी बात, ऐसी जगह लगाएं कि वह घर में आते या जाते दिखाई न दें।
10. पानी से संबंधित चित्र जिसमें पहाड़ भी है उसे ईशान कोण में भूलकर भी न लगाएं।
एक्वेरियम की लाल और काली मछलियों से बदलते हैं किस्मत के सितारे || Vastu ...
एक्वेरियम की लाल और काली मछलियों से बदलते हैं किस्मत के सितारे
घर में एक्वेरियम को रखना जहां एक ओर घर को खूबसूरती प्रदान करता है, वहीं उसे जीवंत भी बनाता है। वास्तुशास्त्र के अनुसार भी एक्वेरियम को बहुत उपयोगी करार दिया गया है, क्योंकि इसे अगर सही स्थान और दिशा में रखा जाए, तो यह परिवार के लोगों की खुशहाली का कारण बन सकता है।
घर में एक्वेरियम को रखना जहां एक ओर घर को खूबसूरती प्रदान करता है, वहीं उसे जीवंत भी बनाता है। वास्तुशास्त्र के अनुसार भी एक्वेरियम को बहुत उपयोगी करार दिया गया है, क्योंकि इसे अगर सही स्थान और दिशा में रखा जाए, तो यह परिवार के लोगों की खुशहाली का कारण बन सकता है।
पानी का प्रवाह
एक्वेरियम के भीतर बहने वाले पानी की आवाज घर में सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह के साथ साथ धन संपन्नता और खुशहाली को भी बढ़ाती है।
खुश्क कमरा
अगर एक्वेरियम को घर के किसी ऐसे कमरे या कोने में रखा है, जो पूरी तरह खुश्क है, तो वहां एक्वेरियम को रखने से उस विशेष स्थान पर आर्द्रता और नमी स्थापित होती है और ऊर्जा में संतुलन कायम होता है।
बगुआ डाइग्राम
एक्वेरियम को घर के किस भाग या किस दिशा में रखा जाता है, यह बात बेहद महत्वपूर्ण है। बगुआ डाइग्राम की सहायता से एक्वेरियम के लिए सही दिशा या उपयुक्त स्थान का चुनाव किया जा सकता है।
सही स्थान
घर का दक्षिण-पूर्वी भाग, एक्वेरियम रखने के लिए बेस्ट माना जाता है। घर में संपन्नता और धन में वृद्धि करने के उद्देश्य से इस स्थान को पारंपरिक रूप से सही करार दिया गया है।
खुशहाली और कॅरियर
इसके अलावा आप घर के उत्तरी या पूर्वी भाग में भी एक्वेरियम को रख सकते हैं। घर का उत्तरी भाग कॅरियर का प्रतिनिधित्व करता है और पूर्वी खुशहाली को दर्शाता है।
पारिवारिक शांति
अर्थात अगर आप एक्वेरियम को उत्तरी दिशा में रखते हैं तो ये आपके कॅरियर ग्रोथ और अगर पूर्वी दिशा में रखते हैं तो यह घर में पारिवारिक शांति में बढ़ोत्तरी करता है।
निषेध स्थान
घर के भीतर ऐसे स्थान पर कभी भी एक्वेरियम नहीं रखना चाहिए जहां भोजन बनता है या विश्राम किया जाता है, जैसे कि रसोई या बेडरूम। इसके अलावा घर के मध्य में भी कभी एक्वेरियम को स्थापित नहीं करना चाहिए।
मानसिक तनाव
मानसिक तनाव प्राकृतिक रोशनी के नीचे एक्वेरियम रखने से मानसिक दबाव और तनाव में कमी आती है।
पांच तत्व
फेंग शुई के पांच तत्व होते हैं और एक्वेरियम के भीतर ये सभी तत्व संतुलन के साथ मौजूद हैं। जब ये पांचों तत्व एक-दूसरे के साथ मिलते हैं तो यह ऊर्जा को प्रवाहित करते हैं।
मछलियां
फेंग शुई का पहला तत्व है पानी, यह पानी के ही रूप में एक्वेरियम में मौजूद है, दूसरा तत्व है धरती, यह कंकड़-पत्थर आदि के रूप में एक्वेरियम में रहता है। तीसरा तत्व है अग्नि जो रोशनी या लाल, पीली और नारंगी रंग की मछली के तौर पर गिनी जाती है।
गोल्ड फिश
फेंग शुई एक्सपर्ट्स के अनुसार एक्वेरियम के भीतर एक काली रंग की मछली और 8-9 नारंगी मछलियां होनी चाहिए। फेंग शुई के अनुसार एक गोल्ड फिश बेस्ट मानी गई है।
लाल और काली मछली
8 लाल और एक काली फिश को एक्वेरियम के जरिए घर में रखने से घर में खुशहाली, ऊर्जा और सौभाग्य का प्रवाह बढ़ता है।
मछली का मरना
अगर आपके एक्वेरियम की कोई मछली मर जाती है तो उसे जल्दी से जल्दी हटाकर उसके स्थान पर नई मछली को फिश टैंक में डालें। अपने एक्वेरियम में किसी भी प्रकार की गंदगी ना छोड़ें।
नंबर 9
फेंग शुई के अंतर्गत 8 नंबर बहुत सौभाग्यशाली माना गया है। लेकिन जब एक्वेरियम में रखी जाने वाली मछलियों की बात आती है तो फेंग शुई एक्सपर्ट्स के अनुसार 9 नंबर खुशहाली का प्रतीक है इसलिए एक्वेरियम में रखी जाने वाली मछलियों की संख्या 9 होनी चाहिए।
मछलियों को पालना और उन्हें दाना खिलाना अतिशुभ माना गया है। इन्हें तैरते हुए देखने से जहां मन शांत होता है। वहीं बुरी शक्तियों के प्रभाव के अहसास भी ये आपको दिलाती हैं। वास्तुशास्त्र के अनुसार घर में रंगीन मछलियों को रखने से घर से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सकारात्मक ऊर्जा आती है।
एक्वेरियम या किसी सुंदर पानी से भरे नदी, तालाब में रंगीन मछलियों को रखने से घर में धन दौलत की कभी कमी नहीं रहती है। घर में पालने के लिए एक्वेरियम सबसे उर्पयुक्त बताया गया है।
Vastu Shastra || नए घर में जा रहे हैं तो गृह प्रवेश करते वक्त इन बातों क...
नए घर में जा रहे हैं तो गृह प्रवेश करते वक्त इन बातों का रखें ध्यान ।
जब भी प्रॉपर्टी में निवेश की बात आती है तो घर का मालिक उसमें रहने से पहले गृह प्रवेश के लिए शुभ दिन तलाशते हैं। आज हम आपको इस समारोह की अहमियत बताने जा रहे हैं।
अगर घर खरीदने या नए घर में शिफ्ट होने की बात हो, तो भारत के लोग शुभ मुहूर्त को लेकर बड़े संजीदा रहते हैं। उनका मानना है कि अगर शुभ दिन गृह प्रवेश किया जाएगा तो यह सौभाग्य लाएगा। जब कोई नए घर में पहली बार जाता है, तब गृह प्रवेश कराया जाता है। यह सिर्फ घर के मालिक के लिए ही नहीं, बल्कि सभी लोगों के लिए बहुत जरूरी होता है। वास्तु के मुताबिक घर पांच तत्वों से मिलकर बना है, सूर्य, धरती, पानी, अग्नि और वायु और इन सभी का सही तालमेल ही घर में खुशियां, स्वास्थय और सुख-समृद्धि लाता है।
अगर शुभ समय में घर में प्रवेश किया जाए तो यह जिंदगी आसान बना देता है । और परिवार को नए घर में आने के बाद कम परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे मुहूर्त के लिए वसंत पंचमी, अक्षय तृतीया, गुडी पड़वा और दशहरा जैसे दिन शुभ माने गए हैं। जबकि उत्रायण, होली, अधिकमास और श्राद्ध पक्ष अशुभ हैं।
अगर आप दशहरे पर नए घर में प्रवेश कर रहे हैं तो किसी शुभ समय की जरूरत नहीं है, क्योंकि इस दिन के हर लम्हे को शुभ माना गया है। गृह प्रवेश से पहले एक कलश पूजा भी होती है। इसके लिए तांबे के कलश को 9 तरह के अनाजों से भरा जाता है और एक सिक्का डाला जाता है। इसके बाद कलश पर एक नारियल रखा जाता है और घर का स्वामी पुजारी द्वारा कहे जाने वाले मंत्रों के साथ घर में प्रवेश करता है।
गृह प्रवेश करते वक्त क्या करें क्या न करें।
गृह प्रवेश तब ही करें जब नया घर परिवार के लिए रहने लायक हो। घर में काम पूरा होना चाहिए और इसमें नया paint होना चाहिए। अगर स्वतंत्र घर है तो छतें भी तैयार होनी चाहिए। घर में गेट, खिड़कियां और अन्य fittings भी पूरी होनी चाहिए। देवी-देवताओं की पूजा होनी चाहिए। घर के मुख्य द्वार पर स्वास्तिक और माता लक्ष्मी के पैरों के निशान बने होने चाहिए। घर के मुख्य द्वार को तोरण से सजाया जाना चाहिए। यह आम के पत्तों और गेंदे के फूलों से बना होता है। घर का मंदिर उत्तर-पूर्व दिशा में होना चाहिए व इसे गृह प्रवेश के दिन ही स्थापित करना चाहिए। यह घर के मालिक पर निर्भर करता है कि गृह प्रवेश समारोह छोटा हो या बड़ा। आमतौर पर नकारात्मक शक्तियों को खत्म करने के लिए हवन कराया जाता है। इसमें गणेश पूजा, नवगृह शांति, जिसमें 9 गृहों और वास्तु पूजा की जाती है। इस समारोह में आप पुजारी समेत जिन दोस्तों या रिश्तेदारों को बुलाते हैं, उन्हें खाना खिलाया जाता है। गृह प्रवेश होने के बाद परिवार नए घर में रह सकता है।
नए घर में गृह प्रवेश के लिए कुछ जरूरी टिप्स।
गृह प्रवेश हमेशा शुभ दिन ही करें। देवी-देवताओं की मूर्तियों को घर की पूर्व दिशा की ओर रखना चाहिए।
पूजा कराने से पहले घर को अच्छे से साफ करें। इसके लिए आप पानी में नमक घोलकर फर्श धो सकते हैं। यह नकारात्मक शक्तियों को दूर करता है।
घर में प्रवेश के दौरान सीधा पैर पहले रखें।
घर के मेन गेट को अच्छे से सजाएं, क्योंकि इसे सिंह द्वार कहा जाता है यानी वास्तु पुरुष का चेहरा। इसे आम की पत्तियों और ताजे फूलों से सजाएं।
फर्श पर चावल के आटे और शानदार रंगों से रंगोली बनाएं। माना जाता है कि रंगोली बनाने से माता लक्ष्मी आती हैं।
आसपास की जगह को शुद्ध करने के लिए हवन किया जाता है। जो जड़ी-बूटियों और लकड़ी को आग में डाल कर पूर्ण किया जाता है ।
Vastu Shastra || घर में होने वाली इन 5 गलतियों की वजह से होती है धन की हानि
दोस्तो, आप लोग शुभ या अशुभ में विश्वास रखते हो, या न रखते हो, लेकिन आपको इस बात को तो मानना ही पड़ेगा, कि दुनिया में नकारात्मक और सकारात्मक ऊर्जा होती है, जो हमारे जीवन को प्रभावित करती है। ऐसे में इस नकारात्मक ऊर्जा को नियंत्रित करके सकारात्मकता फैलाने के लिए वास्तुशास्त्र में कुछ उपाय बताए गए हैं, जिसका ध्यान रखने पर आपके घर में सुख-शांति रहने के साथ आर्थिक परेशानी नहीं आती। अनजाने में हम ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जिससे नकारात्मक ऊर्जा घर में हावी हो जाती है। और हमारे जीवन में उथल-पुथल हो जाती है। आइए, जानते हैं वो 5 गलतियां, जिसकी वजह से आर्थिक हानि होने के साथ घर की सुख-शांति भी भंग हो जाती है।
1. किचन में न रखें दवाई ।
जी हाँ, कभी-कभी ऐसा होता है कि हम जल्दबाजी में किचन में दवाई रखकर भूल जाते हैं, जबकि वास्तु के हिसाब से यह आदत बिल्कुल भी अच्छी नहीं है। ऐसा करने से बचें।
2. दक्षिण दिशा में न रखें कोई मूर्ति ।
जी हाँ, आपको भगवान या कोई दूसरी मूर्ति दक्षिण दिशा में नहीं रखनी चाहिए। ऐसा करने से आय कम होती है। और खर्चों में बढ़ोत्तरी होती है।
3. बाथरुम और टॉयलेट के दरवाजे बंद रखें ।
दोस्तो, बाथरुम और टॉयलेट के दरवाजें हमेशा बंद करके रखें, वहीं इनके दरवाजे बंद करते समय ज्यादा आवाज भी नहीं करनी चाहिए।
4. घर में न लगाएं कांटेदार पौधे ।
जी हाँ दोस्तो, आपको घर में कांटेदार पौधे लगाने से बचना चाहिए। ऐसा करने से जीवन में सुख-शांति भंग होती है।
5. कीमती सामान के पास न रखें झाडू ।
जिस कमरे में आपने कीमती सामान रखा है, वहां झाडू रखने से परहेज करें। वहीं, झाडू को कूड़े के पास न रखते हुए, झाडू के लिए भी सही जगह निर्धारित करनी चाहिए।
घर में रखी ये चीजें पानी की तरह पैसे को बहा ले जाती हैं || Vastu Shastra
धन कमाना जितना मुश्किल है, उतना ही उसे सहज कर रखना है। धन रखने के लिए लोग अपनी सहूलियत के अनुसार कैश बॉक्स, अलमारी, तिजोरी और लॉकर को यूज करते हैं। इन्हें वास्तु के अनुसार रखने पर भी आर्थिक समस्याएं आ रही हैं, इसका कारण है आप से होने वाली छोटी-छोटी गलतियां। आप इन चीजों के आस-पास अशुभ चीजे रख रहे हैं। धन रखने के स्थान के पास नीले रंग का चित्र न लगाएं। नीला रंग पानी का प्रतिनिधित्व करता है। ये पानी की तरह पैसो को भी बहा ले जाता है। इस रंग का कुछ भी धन अथवा कीमती सामान के साथ रखेंगे तो वो टिकेगा नहीं।
1. बहुमूल्य वस्तुओं को उत्तर पश्चिम दिशा में न रखें।
2. तीन दरवाजे एक ही लाइन में होने से चोरी का भय बना रहता है।
3. जेब में पर्स और घर में तिजोरी रखने से पहले ध्यान रखें, फटे पर्स और टूटी तिजोरी में लक्ष्मी का वास नहीं होता। पर्स और तिजोरी में मां लक्ष्मी की तस्वीर, पूजा की सुपारी, श्रीयंत्र और कुबेर यंत्र रखने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है।
4. घर की छत पर कबाड़ और फालतू सामान रखने से आर्थिक तंगी होती है। जिससे पारिवारिक सदस्यों की कमाई और मानसिक स्थिती पर बुरा असर पड़ता है।
5. फालतू और टूटी वस्तुओं को घर में रखने से वास्तुदोष होता है। यह चीजें मां लक्ष्मी के घर आगमन में रुकावट बनती हैं।
6. घर, दुकान और ऑफिस की अलमारी टूटी होने से धन हानि होती है। जिस अलमारी का प्रयोग नहीं हो रहा, उसका दरवाजा बंद रखें, नहीं तो कार्यों में बाधा आ सकती है।
7. घर में टूटा हुआ फर्नीचर रखने से धन और उन्नति में रुकावट पैदा होती है। ड्राईंग रुम में रखा सोफा, और चादर, गंदी व फटी हुई नहीं होनी चाहिए।
Wednesday, 4 December 2019
लौंग और नीबू के ये टोटके एक रात में दूर कर देंगे आपकी बड़ी से बड़ी समस्या
लौंग और नीबू के ये टोटके एक रात में दूर कर देंगे आपकी बड़ी से बड़ी समस्या।
तांत्रिक ग्रंथों में कई ऐसे टोने-टोटकों के बारे में बताया गया है, जिनकी मदद से असंभव कार्य को भी संभव बनाया जा सकता है।
इन प्रयोगों में विशेष पौधे, पूजा सामग्री, फल तथा अन्य चीजों का उपयोग होता है। तंत्र के अनुसार, नींबू तथा लौंग के टोने-टोटके द्वारा जीवन की कई समस्याओं को एक झटके में खत्म किया जा सकता है।
यदि घर में किसी बच्चे या बड़े व्यक्ति को बुरी नजर लग जाए, तो उसके सिर से पैर तक सात बार नींबू वार लें। इसके बाद इस नींबू के चार टुकड़े करके किसी सुनसान स्थान या किसी तिराहे पर फेंक दें। ध्यान रखें नींबू के टुकड़े फेंकने के बाद पीछे न देखें और सीधे घर आ जाएं। नजर तुरंत दूर हो जाएगी।
यदि किसी व्यक्ति का व्यापार ठीक से नहीं चल रहा है, तो उसे शनिवार के दिन नींबू का तांत्रिक उपाय करना चाहिए। इस उपाय के अनुसार, एक नींबू को दुकान की चारों दीवारों से स्पर्श कराएं। इसके बाद नींबू को चार टुकड़ों में अच्छे से काट लें, और चौराहे पर जाकर चारों दिशाओं में नींबू का एक-एक टुकड़ा फेंक दें। इससे दुकान, व्यापार स्थल की नेगेटिव एनर्जी नष्ट हो जाएगी।
घर की नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए घर में नींबू का पेड़ लगाए। नींबू के पेड़ से आसपास का वातावरण सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर रहता है। इसके साथ ही नींबू का पेड़ घर में लगाने से घर का वास्तु दोष भी दूर होता है।
प्रचलित मान्यता के अनुसार, अगर सुई लगा नींबू किसी बीमार के सिर पर से 7 बार उतार कर चौराहे पर रख देना चाहिए। चौराहे से जाते हुए जो भी व्यक्ति उस नींबू को पार कर चला जाएगा या उसे स्पर्श करेगा, तो बीमार व्यक्ति की सारी बीमारी उसको लग जाती है।
यदि कोई व्यक्ति अचानक ही बीमार हो जाए, तथा उस पर दवाओं का कोई असर न हों, तो इसके लिए भी नींबू का उपाय किया जाता है। ऐसी स्थिति में एक साबूत नींबू के उपर काली स्याही से 307 लिख दें और उस व्यक्ति के उपर उल्टी तरफ से 7 बार उतारें। इसके पश्चात उसी नींबू को चार भागों में इस प्रकार से काटें, कि वह नीचें से जुड़े रहें। और फिर उसी नींबू को घर से बाहर किसी निर्जन स्थान पा फेंक दें। इस उपाय को करने से पीडि़त व्यक्ति 24 घंटों के अंदर ही स्वस्थ हो जायेगा।
अगर आपको कड़ी मेहनत के बाद भी बार-बार असफलता मिल रही है, तो नींबू का एक छोटा सा उपाय आपके सारे काम बना देगा। इसके लिए आप एक नींबू और 4 लौंग लेकर किसी निकट के हनुमान मंदिर में जाएं। वहां हनुमानजी की प्रतिमा के सामने बैठकर, नींबू के ऊपर चारों लौंग लगा दें, इसके बाद हनुमानचालिसा का पाठ करें। पाठ करने के बाद हनुमानजी से सफलता दिलवाने की प्रार्थना करें, और इस नींबू को जेब में लेकर जाएं। आपको निश्चित ही सफलता मिलेगी।
दोस्तो, आप दो बातों का ध्यान जरूर रखें ।
1. जब भी टोटका करने के बाद नींबू फेंके, तो पीछे मुड़कर कभी न देखें, सीधे अपने घर की तरफ आ जाएं
2. कभी-कभी रोड पर नींबू-मिर्च पड़ी हुई दिख जाती है, जैसे किसी चौराहे या तिराहे पर कोई नींबू या नींबू के टुकड़े पड़े रहते हैं, तो ध्यान रखें, उन पर आपको कभी भी भूलकर भी पैर नहीं लगाना चाहिए।
इससे दूसरे की बलाए आपके सर आ जाती है।
Tuesday, 3 December 2019
पैसे की किल्लत से जूझ रहे हैं तो अजमाकर देखें ये वास्तु टिप्स
पैसे की किल्लत से जूझ रहे हैं तो अजमाकर देखें ये वास्तु टिप्स ।
अपने जीवन में पैसों की तंगी कोई नहीं चाहता। मगर कई बार लाख कोशिशों के बावजूद जीवन में सफलता नहीं मिल पाती। इसकी वजह शायद घर में मौजूद वास्तु दोष होते हैं। मगर इस वजह से चिंतित होने की कोई आवश्यकता नहीं है, आप चाहें तो बहुत से आसान उपायों के साथ आप अपने घर के वास्तु दोष से मुक्ति पा सकते हैं। आइए जानते हैं कैसे ।
कछुआ और मछली ।
वास्तु के मुताबिक पीतल का बना कछुआ और मछली घर में रखना काफी शुभ माना जाता है। इसे घर या फिर अपने ऑफिस में रखने से पैसों से जुड़ी सभी परेशानियां दूर हो जाती है। अगर आप घर की पूर्व दिशा में धातु से बना कछुआ या मछली रखते हैं, तो आपके सिर चढ़ा कर्ज बहुत जल्द उतर जाता है।
लक्ष्मी और कुबेर की मूर्ति ।
पैसा हमेशा पॉजिटिव एनर्जी से भरपूर घर में ही टिकता है। ऐसे में कोशिश करें, कि अपने घर का माहौल हमेशा सकारात्मक बनाए रखें। वास्तु के अनुसार, घर को नेगेटिव एनर्जी से दूर रखने के लिए मेन गेट पर देवी लक्ष्मी और भगवान कुबेर की फोटो टांगे। ऐसा करने से घर में कभी भी पैसों की कमी नहीं आएगी।
वास्तु देव की मूर्ति ।
जिस घर में हमेशा लड़ाई-झगड़े की स्थिति बनी रहे वहां भी पैसा कभी नहीं टिकता। ऐसे में घर-परिवार को लड़ाई-झगड़े से मुक्त रखने के लिए घर के मंदिर में वास्तु देव की मूर्ति या फिर तस्वीर रखें। ऐसा करने से घर से सभी वास्तु दोष समाप्त होंगे, साथ ही घर में सुख-शांति बनी रहेगी।
पानी से भरी सुराही ।
पानी से भरी सुराही या फिर छोटा सा मटका घर की उत्तर दिशा में रखने से घर में कभी भी धन की कमी नहीं होती। ध्यान रहे कि ये पानी की सुराही या मटका कभी खाली न रहे। नहीं तो जीवन में पैसों को लेकर खालीपन महसूस होगा।
हनुमान जी की मूर्ति ।
हनुमान जी की पूजा करने से जहां जीवन के सभी कष्टों का नाश होता है। घर की दक्षिण-पश्चिम दिशा को भगवान हनुमान जी की दिशा माना जाता है। ऐसे में इस दिशा में हनुमान जी के साथ भगवान राम और सीता जी की मूर्ति स्थापित करके रोजाना उनकी पूजा करने से जीवन में धन-अन्न की कभी कमी नहीं होती ।
पिरामिड ।
पिरामिड को घर में रखने से घर के सभी सदस्यों की आय में वृद्धि होती है। घर के जिस सदस्य को पैसे से जुड़ी समस्या फेस करनी पड़ रही हैं, वह अपने कमरे में चांदी, पीतल या तांबे से बना पिरामिड रखें। चांदी, पीतल न खरीद पाने के चलते, आप लकड़ी का पिरामिड भी अपने पास रख सकते हैं।
तो इस तरह आप छोटे-छोटे उपाय अपनाकर अपने जीवन में पैसों से जुड़ी परेशानियां दूर कर सकते हैं।
Sunday, 1 December 2019
Vastu Shastra || जब नए घर में कर रहे हों प्रवेश, तो इन 20 बातों का ध्यान...
कैसे करें अपने नए घर में प्रवेश, जानिए 20 जरूरी बातें
घर चाहे स्वयं का बनाया हो या फिर किराये का जब हम प्रवेश करते हैं तो नई आशा, नए सपने, नई उमंग स्वाभाविक रूप से मन में हिलोर लेती है। नया घर हमारे लिए मंगलमयी हो, प्रगतिकारक हो, यश, सुख, समृद्धि और सौभाग्य की सौगात दें यही कामना होती है। आइए जानें 20 जरूरी बातें जो आपको नए घर में प्रवेश के समय याद रखनी चाहिए।
1. सबसे पहले गृह प्रवेश के लिए दिन, तिथि, वार एवं नक्षत्र को ध्यान मे रखते हुए, गृह प्रवेश की तिथि और समय का निर्धारण किया जाता है। गृह प्रवेश के लिए शुभ मुहूर्त का ध्यान जरुर रखें। एक विद्वान ब्राह्मण की सहायता लें, जो विधिपूर्वक मंत्रोच्चारण कर गृह प्रवेश की पूजा को संपूर्ण करता है।
2. माघ, फाल्गुन, वैशाख, ज्येष्ठ माह को गृह प्रवेश के लिए सबसे सही समय बताया गया है। आषाढ़, श्रावण, भाद्रपद, आश्विन, पौष इसके लिहाज से शुभ नहीं माने गए हैं।
3. मंगलवार के दिन भी गृह प्रवेश नहीं किया जाता विशेष परिस्थितियों में रविवार और शनिवार के दिन भी गृह प्रवेश वर्जित माना गाया है। सप्ताह के बाकि दिनों में से किसी भी दिन गृह प्रवेश किया जा सकता है। अमावस्या व पूर्णिमा को छोड़कर शुक्लपक्ष 2, 3, 5, 7, 10, 11, 12, और 13 तिथियां प्रवेश के लिए बहुत शुभ मानी जाती हैं।
4. पूजन सामग्री- कलश, नारियल, शुद्ध जल, कुमकुम, चावल, अबीर, गुलाल, धूपबत्ती, पांच शुभ मांगलिक वस्तुएं, आम या अशोक के पत्ते, पीली हल्दी, गुड़, चावल, दूध आदि।
5. मंगल कलश के साथ नए घर में प्रवेश करना चाहिए।
6. घर को बंदनवार, रंगोली, फूलों से सजाना चाहिए।
7. मंगल कलश में शुद्ध जल भरकर उसमें आम या अशोक के आठ पत्तों के बीच नारियल रखें।
8. कलश व नारियल पर कुमकुम से स्वस्तिक का चिन्ह बनाएं।
9. नए घर में प्रवेश के समय घर के स्वामी और स्वामिनी को पांच मांगलिक वस्तुएं नारियल, पीली हल्दी, गुड़, चावल, दूध अपने साथ लेकर नए घर में प्रवेश करना चाहिए।
10. भगवान गणेश की मूर्ति, दक्षिणावर्ती शंख, श्री यंत्र को गृह प्रवेश वाले दिन घर में ले जाना चाहिए।
11. मंगल गीतों के साथ नए घर में प्रवेश करना चाहिए।
12. पुरुष पहले दाहिना पैर तथा स्त्री बांया पैर बढ़ा कर नए घर में प्रवेश करें।
13. इसके बाद भगवान गणेश का ध्यान करते हुए गणेश जी के मंत्रों के साथ घर के ईशान कोण में या फिर पूजा घर में कलश की स्थापना करें।
14. रसोई घर में भी पूजा करनी चाहिये। चूल्हे, पानी रखने के स्थान और स्टोर आदि में धूप, दीपक के साथ कुमकुम, हल्दी, चावल आदि से पूजन कर स्वास्तिक चिन्ह बनाना चाहिए।
15. रसोई में पहले दिन गुड़ व हरी सब्जियां रखना शुभ माना जाता है।
16. चूल्हे को जलाकर सबसे पहले उस पर दूध उफानना चाहिए।
17. मिष्ठान बनाकर उसका भोग लगाना चाहिए।
18. घर में बने भोजन से सबसे पहले भगवान को भोग लगाएं।
19. गौ माता, कौआ, कुत्ता, चींटी आदि के निमित्त भोजन निकाल कर रखें।
20. ब्राह्मण को भोजन कराएं या फिर किसी गरीब भूखे आदमी को भोजन करा दें। इससे घर में सुख, शांति व समृद्धि आती है व हर प्रकार के दोष दूर हो जाते हैं
Vastu Shastra || पति की तरक्की रोक देते हैं बीवी के ये 7 काम!
पति की तरक्की रोक देते हैं बीवी के ये 7 काम !
शास्त्रों में महिलाओं को घर की लक्ष्मी माना जाता है। शादी के बाद जिस घर में वह जाती है उसका भाग्य उस घर से जुड़ जाता है। अगर वो चाहे तो घर को स्वर्ग बना देती हैं लेकिन, कई बार महिलाएं जाने अनजाने में ऐसी गलतियां कर बैठती हैं जो न सिर्फ घर में कंगाली लाते हैं बल्कि, इससे पति की तरक्की में भी बाधा आती है। चलिए, आज हम आपको बताते हैं कि महिलाओं के द्वारा किन कामों से पति कंगाल हो सकता है।
1. सुबह देर से उठना ।
दोस्तो, महिलाएं घर की लक्ष्मी होती है, ऐसे में उन्हें सुबह जल्दी उठकर पूजा पाठ करना चाहिए। जिस घर की औरतें सुबह लेट उठती हैं वहां माता लक्ष्मी कभी वास नहीं करती।
साथ ही, सूर्यअस्त के बाद महिलाओं को सोना भी नहीं चाहिए। इससे न सिर्फ धन की कमी होगी बल्कि, आपके पति की तरक्की में भी बाधा आएगी।
2. नाक पर गुस्सा रखना ।
दोस्तो, शास्त्रों में कहा गया है कि जहां शांत स्वभाव की महिलाये अपने घर को स्वर्ग बना देती हैं, वहीं उनका गुस्सा सबकुछ बिगाड़ भी सकता है। ऐसे में बेहतर होगा कि आप अपने गुस्से पर काबू रखें। जिस स्त्री के घर में कलह, कलेश का माहौल बना रहता है वहां माता लक्ष्मी का वास नहीं होता।
3. झाड़ू को पैर मारना ।
दोस्तो । झाड़ू को पैर, या ठोकर, मारने से, माता लक्ष्मी नाराज हो जाती है, क्योंकि, यह उन्हीं का रूप है। इतना ही नहीं, इससे घर में दरिद्रता भी आती है, इसलिए, कभी झाड़ू को पैर न मारें।
4. साफ-सफाई ना रखना ।
दोस्तो, घर की महिलाओं को कभी भी घर के अंदर गंदगी व जूठे बर्तन नहीं रखने चाहिए क्योंकि, इससे भी माता लक्ष्मी नाराज हो जाती है। साथ ही यह कंगाली के साथ अन्य परेशानियों का कारण भी बनता है।
5. सुहागन महिलाएं किसी से न शेयर करे, ये चीजें ।
दोस्तो, शादीशुदा महिलाओं को अपनी सिंदूर दानी, बिंदी, पायल, और चूड़ी किसी के साथ शेयर नहीं करनी चाहिए। इससे ना सिर्फ आपके रिश्ते में प्यार कम होगा बल्कि, यह आर्थिक हानि का कारण भी बनेगा।
6. सूर्यअस्त के बाद, न करें ये काम ।
दोस्तो, सूरज डूबने के बाद महिलाओं को कंघी नहीं करनी चाहिए औैर न ही टूटे हुए बाल घर से बाहर फेंकने चाहिए। इससे घर पर नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव पड़ सकता है। इसके अलावा सूर्यअस्त के बाद झाड़ू-पोछा न लगाएं।
7. किसी को दान न करें, ये चीजें ।
दोस्तो, शास्त्रों के अनुसार, सूरज ढलने के बाद कभी किसी को उधार नहीं देना चाहिए। साथ ही दिन ढलने के बाद दूध, दही, प्याज और लहसुन किसी को न दें। इससे आपके घर की लक्ष्मी दूसरे के घर चली जाएगी।
भारत के इन 10 मंदिरों को देखकर आप भी कहेंगे कि हमारे पूर्वज वक्त से कहीं...
भारत के इन 10 मंदिरों को देखकर आप भी कहेंगे कि हमारे पूर्वज वक्त से कहीं आगे थे ।
आज भले ही हम भारतीय खुद को आधुनिक कहते हैं । लेकिन सेक्स हमारे लिए आज भी एक टेबू है, जिस पर खुले में चर्चा नहीं होती जबकि एक वक्त ऐसा था जब यहां कामसूत्र की रचना हुई थी । इस मामले में हमारे पूर्वज हमसे कहीं ज़्यादा आधुनिक थे और इसका जीता जागता उदाहरण है, खजुराहो का मंदिर । मंदिर के बाहरी दीवारों पर अंकित मूर्तियों से पता चलता है कि प्राचीन काल में सेक्स को लेकर लोग कितने सहज थे । हालांकि, आपको शायद ये पता नहीं होगा कि खजुराहो देश का इकलौता मंदिर नहीं है, जहां, इस तरह की मूर्तियों की कारीगरी, की गई हो । हमारे देश में और भी कई मंदिर हैं, जहां की स्वच्छंद मूर्तियां, हमारे पूर्वजों के वक्त से, कहीं आगे होने की, गवाही देती है ।
मंदिरों की कारीगरी कहीं न कहीं कामसूत्र से प्रेरित है ।
इनमें सबसे पहला मंदिर है, राजा रानी मंदिर ।
उड़ीसा के भुवनेश्वर शहर में स्थित इस मंदिर को इंद्रेश्वर नाम से जाना चाहता था । वहां रहने वाले इसे प्रेम का मंदिर कहते हैं । 11वीं शताब्दी का यह मंदिर पंचरथ शैली में बना हुआ है । इस मंदिर में देवी देवताओं के रोज़ाना के कामकाज की मूर्तियों के अलावा इसकी दीवारों पर काम वासना शैली की मूर्तियां भी बनी हुई हैं ।
इनमे दूसरा मंदिर है, सूर्य मंदिर ।
उड़ीसा के कोणार्क में एक विशाल रथ के आकार का बना सूर्य मंदिर बहुत मशहूर है । कहा जाता है कि इस मंदिर का निर्माण श्री कृष्ण के पुत्र सांबा ने करवाया था । कोणार्क मंदिर में भी इस तरह की मू्र्तियां बनी हुई हैं, और इसे इतनी बारीकी से बनाया गया है कि आप देखकर हैरान रह जाएंगे ।
इनमे तीसरा मंदिर है, जगदीश मंदिर ।
झीलों के शहर उदयपुर में स्थित इस मंदिर को जगन्नाथ राय और जगदीश जी भी कहा जाता है । इस मंदिर का निर्माण 1651 में हुआ था । काले पत्थर और कई तरह के धातुओं से बना यह मंदिर विष्णु भगवान को समर्पित है और यहां की दीवारों पर भी आपको ढेर सारी कामुक मूर्तियां दिख जाएंगी।
इनमे चोथा मंदिर है, खजुराहो के मंदिर ।
मध्यप्रदेश में स्थित खजुराहो का मंदिर विश्व प्रसिद्ध है । चंदेल वंश के राजाओं द्वारा बनवाए गए 85 मंदिर में से अब सिर्फ बीस ही बचे हैं । खजुराहो के मंदिर को यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेज साइट्स की लिस्ट में शामिल किया गया है ।
इनमे पांचवा मंदिर है, मारकंडेश्वर मंदिर ।
महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में स्थित इस मंदिर के बारे में कहा जाता है कि राक्षसों ने इस मंदिर का निर्माण सिर्फ़ एक रात में किया था । इस मंदिर के बाहर भी प्रेम में रंगी मूर्तियां बनी हुई हैं ।
इनमे छठा मंदिर है, लिंगराज मंदिर ।
भुवनेश्वर का यह मंदिर भगवान हरिहर को समर्पित है । ये शहर का सबसे बड़ा मंदिर है । लिंगराज का शाब्दिक अर्थ है लिंग के राजा । इस मंदिर का निर्माण 617 से 657 शताब्दी के बीच हुआ था । यहां आपको कामसूत्र किताब के कई दृश्य दिख जाएंगे ।
इनमे सातवा मंदिर है, वीरुपाक्ष मंदिर ।
हम्पी बेंगलुरू से 350 किलोमीटर दूर है । यहां के वीरुपाक्ष मंदिर में भी कामुक मूर्तियां हैं । वीरुपाक्ष भगवान शिव के ही एक रूप हैं । विजयनगर साम्राज्य के देव राजा 2 के एक सरदार लक्कन डंडेशा ने इस मंदिर को बनवाया था ।
इनमे आठवां मंदिर है, रणकपुर जैन मंदिर ।
राजस्थान के पाली जिले का यह मंदिर तीर्थांकर आदिनाथ को समर्पित ये जैन मंदिर राजस्थान के पाली ज़िले का मुख्य आकर्षण है, इस मंदिर में संगमरमर से बने 1400 स्तंभ और कई कामोत्तेजक मूर्तियां हैं ।
इनमे नवा मंदिर है, भोरमदेव मंदिर ।
छत्तीसगढ़ के कबीरधाम में स्थित भोरमदेव मंदिर का निर्माण 1100 शताब्दी में हुआ था । कहा जाता है कि किसी तंत्र साधना करने वाले राजा ने ये मंदिर बनवाया था। और यहां आपको कामसूत्र की किताब के कई दृश्य दिख जाएंगे ।
इनमे दसबा और आखिरी मंदिर है, नंदा देवी मंदिर ।
उत्तराखंड के अल्मोड़ा का नंदा देवी मंदिर बहुत मशहूर है । यह मंदिर लगभग हज़ार साल पुराना है । यहां भी ढेर सारी रति में लीन चित्र उकेरे गए हैं ।
Saturday, 30 November 2019
Vastu Shastra || अगर करते है ऐसे अपशगुन तो आज ही बंद कर दे
अगर करते हैं ये अपशगुन, तो अभी बंद कर दें, वरना बर्बादी से नहीं बच पाओगे
दोस्तो, जीवन में हम जाने अंजाने में बहुत से ऐसे काम कर देते है जो नहीं करने चाहिए । आज हम आपको बताएंगे, वो ऐसे काम कौन कौन से हैं । जिन्हे अपशगुन भी कहते है ।
मुख्य द्वार के पास कभी भी कूड़ादान ना रखें, इससे पड़ोसी शत्रु हो जायेंगे ।
सूर्यास्त के समय किसी को भी दूध, दही, या प्याज माँगने पर ना दें, इससे घर की बरकत समाप्त हो जाती है ।
छत पर कभी भी अनाज या बिस्तर ना धोएं, हाँ सुखा सकते है, इससे ससुराल से सम्बन्ध खराब होने लगते हैं ।
फल खूब खाओ स्वास्थ्य के लिए अच्छे है । लेकिन उसके छिलके कूड़ेदान में ना डालें, वल्कि, बाहर फेंके इससे मित्रों से लाभ होगा ।
माह में एक बार किसी भी दिन घर में मिश्री युक्त खीर जरुर बनाकर परिवार सहित एक साथ खाएं । अर्थात, जब पूरा परिवार घर में इकट्ठा हो उसी समय खीर खाएं । तो माँ लक्ष्मी की जल्दी कृपा होती है ।
माह में एक बार अपने कार्यालय में भी कुछ मिष्ठान जरुर ले जाये, उसे अपने साथियों के साथ या अपने अधीन नौकरों के साथ मिलकर खाये तो धन लाभ होगा ।
रात्री में सोने से पहले रसोई में बाल्टी भरकर रखें, इससे क़र्ज़ से शीघ्र मुक्ति मिलती है । और यदि बाथरूम में बाल्टी भरकर रखेंगे, तो जीवन में उन्नति के मार्ग में बाधा नही आयेगी ।
वृहस्पतिवार के दिन घर में कोई भी पीली वस्तु अवश्य खाएं, हरी वस्तु ना खाएं तथा बुधवार के दिन हरी वस्तु खाएं, लेकिन पीली वस्तु बिलकुल ना खाएं, इससे सुख समृद्धि बढ़ेगी ।
रात्रि को झूठे बर्तन कदापि ना रखें, इसे पानी से निकाल कर रख सकते है, इसको करने से होने वाली हानि से बचा जा सकता है ।
स्नान के बाद गीले या एक दिन पहले के प्रयोग किये गये तौलिये का प्रयोग ना करें, इससे संतान हठी व परिवार से अलग होने लगती है, अपनी बात मनवाने लगती है अतः रोज़ साफ़ सुथरा और सूखा तौलिया ही प्रयोग करें ।
कभी भी यात्रा में पूरा परिवार एक साथ घर से ना निकलें आगे पीछे जाएँ, इससे यश की वृद्धि होगी ।
ऐसे ही अनेक अपशगुन है, जिनका हम ध्यान रखें, तो जीवन में किसी भी समस्या का सामना नही करना पड़ेगा, तथा सुख समृद्धि बढ़ेगी ।
Vastu Shastra || माथे पर तिलक क्यों लगाते है || कौन सी अंगुली का क्या है...
माथे पर तिलक क्यों लगाया जाता है.
हिन्दू आध्यात्म की असली पहचान तिलक से होती है। मान्यता है कि तिलक लगाने से समाज में मस्तिष्क हमेशा गर्व से ऊंचा होता है। हिंदू परिवारों में किसी भी शुभ कार्य में "तिलक या टीका" लगाने का विधान हैं। यह तिलक कई वस्तुओ और पदार्थों से लगाया जाता हैं। इनमें हल्दी, सिन्दूर, केशर, भस्म और चंदन आदि प्रमुख हैं, परन्तु क्या आप जानते हैं कि इस तिलक लगाने के प्रति भावना क्या छिपी हैं ।
पुराणों में वर्णन मिलता है कि संगम तट पर गंगा स्नान के बाद तिलक लगाने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। यही कारण है की स्नान करने के बाद पंडों द्वारा विशेष तिलक अपने भक्तों को लगाया जाता है। माथे पर तिलक लगाने के पीछे आध्यात्मिक महत्व है।
दरअसल, हमारे शरीर में सात सूक्ष्म ऊर्जा केंद्र होते हैं, जो अपार शक्ति के भंडार हैं। इन्हें चक्र कहा जाता है। माथे के बीच में जहां तिलक लगाते हैं, वहां आज्ञाचक्र होता है। यह चक्र हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण स्थान है, जहां शरीर की प्रमुख तीन नाडि़यां, इड़ा, पिंगला व सुषुम्ना आकर मिलती हैं । इसलिए इसे त्रिवेणी या संगम भी कहा जाता है।
यह गुरु स्थान कहलाता है। यहीं से पूरे शरीर का संचालन होता है। यही हमारी चेतना का मुख्य स्थान भी है। इसी को मन का घर भी कहा जाता है। इसी कारण यह स्थान शरीर में सबसे ज्यादा पूजनीय है। योग में ध्यान के समय इसी स्थान पर मन को एकाग्र किया जाता है।
तिलक लगाने से एक तो स्वभाव में सुधार आता हैं, व देखने वाले पर सात्विक प्रभाव पड़ता हैं। तिलक जिस भी पदार्थ का लगाया जाता हैं । उस पदार्थ की ज़रूरत अगर शरीर को होती हैं, तो वह भी पूर्ण हो जाती हैं। तिलक किसी खास प्रयोजन के लिए भी लगाये जाते हैं, जैसे यदि मोक्षप्राप्ती करनी हो तो तिलक अंगूठे से, शत्रु नाश करना हो तो तर्जनी से, धनप्राप्ति हेतु मध्यमा से तथा शान्ति प्राप्ति हेतु, अनामिका से लगाया जाता है ।
आमतौर से तिलक, अनामिका द्वारा लगाया जाता हैं । और उसमे भी केवल चंदन ही लगाया जाता हैं । तिलक संग चावल लगाने से लक्ष्मी को आकर्षित करने का तथा ठंडक व सात्विकता प्रदान करने का निमित छुपा हुआ होता हैं। अतः प्रत्येक व्यक्ति को तिलक ज़रूर लगाना चाहिए।
मान्यताओं के अनुसार, सूने मस्तक को शुभ नहीं माना जाता। माथे पर चंदन, रोली, कुमकुम, सिंदूर या भस्म का तिलक लगाया जाता है। तिलक हिंदू संस्कृति में एक पहचान चिन्ह का काम करता है। तिलक लगाने की केवल धार्मिक मान्यता नहीं है । बल्कि इसके कई वैज्ञानिक कारण भी हैं।
हिंदू धर्म में जितने संतों के मत हैं, जितने पंथ है, संप्रदाय हैं । उन सबके अपने अलग-अलग तिलक होते हैं। तंत्र शास्त्र में पंच गंध या अस्ट गंध से बने तिलक लगाने का बड़ा ही महत्व है तंत्र शास्त्र में शरीर के तेरह भागों पर तिलक करने की बात कही गई है, लेकिन समस्त शरीर का संचालन मस्तिष्क करता है। इसलिए इस पर तिलक करने की परंपरा अधिक प्रचलित है। तिलक लगाने में सहायक हाथ की अलग-अलग अंगुलियों का भी अपना महत्व है ।
दोस्तो तिलक लगाने के ये हैं, 7 जबरदस्त फायदे ।
किसी के माथे पर तिलक लगा देखकर मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है । कि आखिर टीका लगाने से फायदा क्या है । क्या यह महज दूसरों के सामने दिखावे के मकसद से किया जाता है । या फिर तिलक धारण का कुछ वैज्ञानिक आधार भी है । दरअसल, टीका लगाने के पीछे आध्यात्मिक भावना के साथ-साथ दूसरे तरह के लाभ की कामना भी होती है ।
किसी के माथे पर तिलक लगा देखकर मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर टीका लगाने से फायदा क्या है । क्या यह महज दूसरों के सामने दिखावे के मकसद से किया जाता है । या फिर तिलक धारण का कुछ वैज्ञानिक आधार भी है । दरअसल, टीका लगाने के पीछे आध्यात्मिक भावना के साथ-साथ, दूसरे तरह के लाभ की कामना भी होती है ।
आम तौर पर चंदन, कुमकुम, मिट्टी, हल्दी, भस्म आदि का तिलक लगाने का विधान है, अगर कोई तिलक लगाने का लाभ तो लेना चाहता है, पर दूसरों को यह दिखाना नहीं चाहता तो शास्त्रों में इसका भी उपाय बताया गया है, कहा गया है कि ऐसी स्थिति में ललाट पर जल से तिलक लगा लेना चाहिए ।
इससे लोगों को प्रत्यक्ष तौर पर कुछ लाभ बड़ी आसानी से मिल जाते हैं ।
सुबह 3 से 5 अगर आपकी आँख खुलती है तो शक्तियां देती है ये संकेत || Vastu ...
दोस्तो, आज हम बात करने जा रहे है । कि अगर आपकी नींद प्रातः 3 से 5 के बीच में खुलती है । तो इसका क्या कारण है। और देवीय शक्तियां क्या संकेत देना चाहती है
आपको, मित्रो में आपको बता दू । पूरी पृथ्वी भूमंडल में से मात्र तेरह प्रतिशत लोग ऐसे होते है । जिनकी आंख प्रातः तीन से पांच के बीच खुल जाती है । यदि दोस्तो आपके साथ भी ऐसा होता है तो शास्त्र के अनुसार, इसे देविक शक्तियों का आशीर्वाद माना गया है । जी हां, यदि प्रातः काल तीन से पांच आपकी आंख खुलती है । तो देविक शक्तियों का ये संकेत होता है । कि आप उठ जाओ स्वयं को जानो की में कौन हूं । इस सृष्टि पर में क्यों आया हूं । पैसा कमाने के लिए, अपनी जिम्मेदारियां पूरी करने के लिए, भौतिक सुखों का आनंद लेने के लिए, या फिर लोगो की सहायता करने के लिए, लोगो का परमार्थ करने के लिए, तो दोस्तो यहां मै आपको बता दू ।
यदि आप ब्रह्म मूरत में उठते है तो आपको नेचर ने फोर्थ कैटेगरी में चुना है । जी है, पैसा कमाना अपनी जिम्मेदारियों को पूर्ण करना और भौतिक सुखों का आनंद लेना यह कार्य तो अच्छे बुरे सभी तरह के व्यक्ति करते है । किन्तु जीवन में यश, मन्न, प्रतिष्ठा प्राप्त करते हुए लोगो की सहायता करने के लिए देविक शक्तियां बहुत कम लोगो को चुनती है । और उनमें से आप भी एक होते है । जी हां, इसे ऐसे समझने का प्रयास करे। की इस सृष्टि पर आपको सोने के लिए नहीं भेजा गया है । सम्पूर्ण प्रथ्वी भूमंडल पर स्थित तेरह प्रतिशत लोगों में से आप भी एक है । जिनसे देविक शक्तियां कुछ उमीद रखती है । आपके माध्यम से लोगो का हित करवाना चाहती है ।
तो दोस्तो अब बात यह आती है कि करोड़ों लोगो में से नेचर ने आपको ही क्यों चुना । और यदि चुन भी लिया तो क्या हमे उसका फायदा उठाना चाहिए । और इसका फायदा उठाते भी है । तो हमे इसका क्या लाभ होगा तो दोस्तो यह बात तो आप लोग जानते ही होंगे । कि सुबह तीन से पांच की बेला को चोबीस घंटे में सर्वश्रे्ठ पद देते हुए अमृत बेला का नाम दिया गया है । जिसे ब्रह्म मूरत भी कहा जाता है । यह वह समय होता है जब देविक शक्तियों द्वारा प्रथ्वी पर अमृत बर्षा की जाती है । आपको यह बात भी ज्ञात होगी । की पूर्व समय में ऋषि मुनि ब्राह्मण प्रात:काल में ही पूर्ण संध्या किया करते थे । और फल स्वरूप उनकी वाणी के अंदर इतना अमृत और तेज हुआ करता था । कि जिसको जो आशीर्वाद दे दे । वो पूर्ण हो जाया करता था । ब्रह्म मूरत के समय अमृत बेला होती है । और इस बात को आप स्वयं भी देख सकते है । कि ब्रह्म मूरत में पेड-पोेधे, पशु-पक्षी, नदी-तालाब कितने प्रसन्न दिखते है । यदि समस्त प्रकार की मोह माया को छोड़ कर कभी आपने इस nature को feel किया होगा । तो आप भली भांति जानते होंगे कि ब्रह्म मूरत में सच में अमृत वर्षा होती है । और इस अमृत बेला में यदि आप उठते है । तो मेरा विश्वास मानिए । इस अमृत बेला के अंश आपको भी प्राप्त होते है । और परिणाम स्वरूप आपके अंदर इतनी पॉजिटिविटी आ जाती है । की आपकी पॉजिटिविटी का घेरा आपके घर । आपके परिवार, आपके ऑफिस जहां जहां आप जाते है उस स्थान को एक अलग सी पॉजिटिविटी दे देता है । और आपको और आपके परिवार को बड़ा खुशहाल बना देता है। अब । अभी तक आपने जितना जाना जिसके कारण प्रात: आपकी नींद क्यों खुलती है । इसका क्या कारण है और इसके क्या लाभ है । इतना तो आपकी समझ में आ ही गया होगा ।
किन्तु शास्त्रों में बताया गया है । कि यदि देविक शक्तियों का आप पर आशीर्वाद है । तो आप को ऐसा क्या करना चाहिए । की जिसके लिए आपको सृष्टि पर भेजा गया है । वह कार्य आप सकुशल कर पाए । तो दोस्तो मैं आपसे यही कहना चाहूंगा कि वीडियो को देखते देखते ही आप संकल्प ले की जब भी ब्रह्म मूरत में आपकी आंख खुल जाए तो आप कभी नहीं सोएंगे और यदि एकाएक आपके लिए यह संभव ना हो और निंद्रा का वेग बहुत अधिक हो तो भी आपको सीधे बैठ कर हाथ जोड़कर अपने इश्ठ देव को प्रणाम कर उनका धन्यवाद करना चाहिए की प्रभु आपका में तहेदिल से शुक्रगुजार हूं । की आपने मुझे इतना सुन्दर जीवन दिया और उस जीवन में एक और नया सवेरा देने के लिए आपका तेह दिल से शुक्रगुजार हूं । किन्तु दोस्तो, मैं आपको एक और चीज बता दू की ये अबस्था आपको तभी करनी चाहिए । जब निद्रा का वेग बहुत अधिक हो । अन्यथा ब्रह्म मूरत में उठने के बाद पुनः नहीं सोना चाहिए । अन्यथा ब्रह्म मूरत में उठने के बाद सोच आदि से निरबत होकर अपने बेड आदि पर या ज़मीन पर जहां भी आप सोते है । ध्यान मुद्रा में आंख बंद करके अपनी बॉडी को बिल्कुल रिलैक्स होने दे समाज, परिवार, जिम्मेदारियां, धन दौलत इन सबसे परे होकर यह समय सिर्फ अपने आप को दे । लंबी लंबी सांसें लेकर बाहर निकलते हुए ऐसा feel करे । कि मेरे शरीर के अंदर उपस्थित समस्त प्रकार की nigativity बाहर जा रही है । और जब सांस अंदर की तरफ ले तो ऐसा feel करे कि ब्रह्म मूरत में देवीक शक्तियों द्वारा बांटा जाने वाला अमृत, प्रसाद मेरे शरीर में अंदर प्रवेश कर रहा है । शरीर के सारे बीकार बाहर निकलते हुए मेरे शरीर में सिर्फ और सिर्फ ऊर्जा का वास हो रहा है । मुझे नेचर ने इस धरती पर लोगो की सहायता, लोगो का परमार्थ करने के लिए ही भेजा है । मित्रो में दावे के साथ कह रहा हूं । कि कुछ ही दिनों में आप स्वयं ही feel करने लगेंगे । की आपका पॉजिटिव एरा हर जगह काम कर रहा है । आप जो भी कार्य कर रहे है । वह बड़ी आसानी से पूर्ण होते जा रहे हैं । कई बार आपको ऐसा भी देखने को मिलेगा । की कोई कार्य आप सिर्फ सोच रहे है । उसको आपने किसी के साथ शेयर नहीं किया है । और आपके सोचते हुए ही वह कार्य हो गया । आपके जीवन में जिन भी व्यक्तियों के साथ आपका सम्पर्क है । वह आपको lucky charm मानने लगे है । आप जहां जा रहे है वहां एक पॉजिटिव औरा बनता जा रहा है । लोग अपने जीवन से जुड़ी समस्या को आप से पूछ कर अपने जीवन को खुशहाल बना रहे है । और आप जिस भी व्यक्ति को जिस भी कार्य का आशीर्वाद दे रहे है वह पूरा हो रहा है । और अंत्था आपके मन में यह सवाल आता है कि में लोगो की सहायता तो कर दूंगा । किन्तु मेरी जिम्मेदारियों का क्या होगा ।
तो मित्रो यहां में आपको बता दू लोगो का परमार्थ करने के साथ साथ आपको यह अनुभूति भी होगी की में एक सामान्य व्यक्ति की तरह धन कमाना, अपनी जिम्मेदारियां निभाना, व अपने परिवार के सदस्यों को भोतिक सुख तो प्रदान कर ही रहा हूं । साथ ही वह कार्य भी कर रहा हूं । जिसके लिए नेचर ने मुझे इस धरती पर भेजा है । और जब आप ऐसा कार्य करेंगे तो पूर्णतया आपको स्पष्टीकरण में यह अनुभूति भी होगी । की देवीक शक्तियां आपके साथ पूर्णतया कार्य कर रही है । मित्रो आशा करता हूं जो बात मै आपको समझाना चाहता था वो बात आप लोग भली भांति समझ गए होंगे । और प्रात: काल ब्रह्म मूरत में उठ कर बताई गई स्थिति का पालन करेंगे ।
जब भी कोई परिजन- पितृ सपने में आते है तो इंसान की जिंदगी मैं देते है ये ...
व्यक्ति जब दिन के कामों से थक हार कर रात को सोता है । तो उस समय हमारी इंद्री से जुड़ी बहुत सी यादें या फिर घटनाये ये सभी हमारे सपनों में घूमती है । हैरान करने वाली बात तो ये है । कि यदि रात के समय कोई व्यक्ति हमारे पास रखी कोई वस्तु उठा कर ले जाता है । तो हमे मालूम तक नहीं पडता, परंतु सपने में हमे एक दूसरी दुनिया का आभास होने लगता है । जो हमे याद रह जाती है । कुछ सपनों को देखकर तो हम खुश होते हैं । और कुछ सपनों को देखकर हम बहुत डर जाते हैं । और हमारी नींद खुल जाती है । क्या आपने कभी यह ध्यान दिया है । कि ये सपना हमे क्यों आया है और इस सपने के पीछे क्या सच्चाई छुपी है ।
दरअसल दोस्तो, शास्त्रों के मुताबिक आपके हर एक सपने के पीछे एक राज छुपा है । सपनों के ऊपर तो एक पूरा शास्त्र है । जिसे स्वपन शास्त्र के नाम से जाना जाता है परंतु आज हम बात करेंगे, जब कोई मृत व्यक्ति आपके सपनों में आए, तो उसका क्या मतलब है । कितनी ही बार हमने ऐसा सपना जरूर देखा होगा । जिसमें हमारे मृत रिश्तेदार, दूर का या फिर कोई बहुत ही खास रिश्तेदार सपने में आया हो । तो आखिर वो क्या कहना चाहता था हमसे तो चलिए दोस्तो शुरू करते है ।
दरअसल दोस्तो, ये वीडियो उन व्यक्तियों के लिए है । जिन्हें अधिकतर वृद्ध व्यक्तियों के सपने आते है या ऐसा कोई व्यक्ति जिसके किसी खास का देहान्त हो गया हो । और वह इस सदमे से बाहर नहीं आ पा रहा हो । अगर घर के किसी सदस्य की आयु की पूर्ति के बाद वह व्यक्ति स्वर्गवासी हो गया हो । तो ऐसे में घर के दूसरे सदस्यों भी बहुत जल्दी सदमे से बाहर नहीं निकल पाते है । यदि कोई व्यक्ति किसी बीमारी के बाद मृत्यु को प्राप्त हुआ हो । और सपने में वह आप को दिखाई देता हो । तो यह संकेत होता है । कि उसका जन्म किसी अच्छे स्थान पर हो गया है । और इस स्वपन के माध्यम से वह आपको संकेत देते है । कि अब उनके बारे में सोच कर आप स्वयं को तकलीफ ना दे । स्वपन शास्त्र में ऐसे सपनों को आश्वासन स्वपन का नाम दिया गया है । ऐसे सपने देखने के बाद आपको प्रसन होना चाहिए । कि हमारे पूर्वज का जन्म किसी अच्छे स्थान पर हो गया है। तथा अब वह खुश है। तथा वहीं किसी स्वस्थ सदस्य की मृत्य हो और सपने में वह आपको बीमार दिखाई दे तो । तो यह संकेत दर्शाता है । कि वह आपसे अपनी किसी इच्छा को व्यक्त करना चाहते है । और आपको उस इच्छा को समझने का प्रयास भी करना चाहिए। या फिर ऐसे सोचिए की स्वर्गवास होने से पहले उनकी कोई प्रबल इच्छा रह गई थी । जिसे वो पूरा करना चाहते थे। किन्तु वह कर नहीं पाए । तो यदि आपको इस इच्छा का पता हो । तो अवश्य ही इस इच्छा को पूरा करे, इससे स्वर्गवासी व्यक्ति की आत्मा को शान्ति प्राप्त होती है । साथ ही आपके परिवार में सुख समृद्धि कई गुना बढ जाती है । वहीं यदि आपको इच्छा पता होने के बावजूद आप वह इच्छा पूरी नहीं करते है । तो आप पर संकट आ सकता है ।
जब कोई जीवित व्यक्ति स्वपन में मृत दिखाई दे । तो हम घबरा जाते है । वहीं स्वपन शास्त्र के अनुसार, यह एक संकेत है । कि उस व्यक्ति की आयु में और ज्यादा वृदी हो गई है । जी हां दोस्तों ,ऐसा सपना लंबी आयु का सूचक होता है । और ऐसे सपने को बुरा सपना नहीं माना जाता है ।
कई बार आपने देखा होगा । हमारे स्वर्गवासी परिजन सपनों में दिखते तो है। पर कुछ बोलते नहीं तथा इन स्वपन को हम समझ नहीं पाते है । किन्तु में आपको बता दू । स्वपन शास्त्र के अनुसार, अगर हमारे परिजन सपने में दिखाई देते है । और कुछ बोलते नहीं । इसका मतलब होता है । कि हमारे जीवन में चल रही गति विधियों से वह हमें अवगत कराने का प्रयास कर रहे है । अर्थात या तो हम कोई गलत कार्य करने जा रहे है । या कार्य करने की सोच रहे है । स्वपन शास्त्र में ये भी दर्शाया गया है कि यदि कोई परिजन स्वपन में आए । और चुप रहे । परन्तु आशीर्वाद भी दे तो इसका मतलब होता है । कि जो कार्य हम कर रहे है या करने की सोच रहे है । उसमे हमें शत प्रतिशत सफलता मिलने वाली है । दूसरी ओर यदि वह हमें उदास दिखाई दे और यदि आपको यह आभास हो की वो हमारे द्वारा किए गए कार्यों से प्रसन्न नहीं है । तो ऐसे कार्यों को तुरंत छोड देना चाहिए । क्योंकि यह आपके लिए अशुभ परिणाम खड़े कर सकते है । क्योंकि सपनों के माध्यम से हमारे पूर्वज पहले से ही हमें आगाह तो कर देते है । परन्तु हम उनको ना समझने के कारण कई बार गलतियां कर बैठते है ।
कई बार हमको ऐसे स्वपन भी दिखाई देते है । जिसमें हमारे परिजन हमसे कुछ वस्तुओं की मांग करते दिखते है । परन्तु मुंह से कुछ नहीं बोलते जैसे हमको स्वपन में वह निर्वस्त्र दिखाई दे रहे है । या फिर पैरो में जूते चप्पल। कुछ नहीं पहने हुए दिखाई दे रहे है या तो भूखे दिखाई दे रहे है तो ऐसे में हमें जो वस्तुएं दिखाई नहीं दे रही है । वह वस्तुएं आप या तो उनके नाम से किसी ब्राह्मण को दे दे । या फिर किसी मंदिर में जा कर दान कर दे । और दान करते समय मन्न में ऐसा ध्यान करे । कि ये सभी वस्तुएं उन स्वर्गवासी व्यक्ति को प्राप्त हो रही है । ऐसा करने से पितृ प्रसन्न होते है । और आपकी मनोकामना भी पूर्ण होती है ।
यदि कोई स्वर्गवासी व्यक्ति हमें कहीं दूर या आसमान में दिखाई दे । तो स्वपन शास्त्र के अनुसार, ये संकेत दर्शाता है । कि उन्हें मोक्ष की प्राप्ति हो चुकी है । और वह आकाशीय ब्रती से आपको आशीर्वाद प्रदान कर रहे है । और वही यदि स्वर्गवासी व्यक्ति आपको स्वपन में आस पास दिखाई दे या फिर घर मै दिखाई दे । तो इसका मतलब होता है । कि वो आपके परिवार से मोह नहीं छोड पाए है । और आपके परिवार को आज भी अपनी छत्रो छाया में रखना चाहते है । यदि आपको ये आभास हो गया है । तो आप रोज़ दो रोटी गाय को अवश्य खिलाए । और अमावस्या के दिन विशेषकर अपने पितृ के नाम से भोग लगाए । और सम्भव हो तो किसी ब्राह्मण को अमावस्या के दिन ही भोजन अवश्य कराए । ऐसा करने से आपके पितृ की आत्मा को शान्ति मिलेगी । और वह प्रसन्न हो जाएंगे । दोस्तो इसी के साथ ही में आपको एक और चीज से अवगत कराना चाहूंगा की हमारे हिन्दू धर्म में तेटिस कोटि के देवता होते है । जो कि सबके लिए बराबर होते है । लेकिन हमारे पितृ हमारे घर के ही देव होते है । जो मृत्यु के पश्चात भी हमारे घर की सुख समृद्धि और उन्नति का आशीर्वाद हमें प्रदान करते है । इसके अलावा दोस्तो यदि किसी व्यक्ति को स्वपन में शब यात्रा दिखाई देती है । तो यह संकेत है कि उस व्यक्ति के सारे कार्य पूर्ण संपन्न होने वाले है । दोस्तो यदि आपको भी ऐसे स्वपन आते है । तो यह जानकारी आपके लिए बहुत ही लाभदायक रहेगी ।
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