Saturday, 30 November 2019

सुबह 3 से 5 अगर आपकी आँख खुलती है तो शक्तियां देती है ये संकेत || Vastu ...



दोस्तो, आज हम बात करने जा रहे है । कि अगर आपकी नींद प्रातः 3 से 5 के बीच में खुलती है । तो इसका क्या कारण है। और देवीय शक्तियां क्या संकेत देना चाहती है

आपको, मित्रो में आपको बता दू । पूरी पृथ्वी भूमंडल में से मात्र तेरह प्रतिशत लोग ऐसे होते है । जिनकी आंख प्रातः तीन से पांच के बीच खुल जाती है । यदि दोस्तो आपके साथ भी ऐसा होता है तो शास्त्र के अनुसार, इसे देविक शक्तियों का आशीर्वाद माना गया है । जी हां, यदि प्रातः काल तीन से पांच आपकी आंख खुलती है । तो देविक शक्तियों का ये संकेत होता है । कि आप उठ जाओ स्वयं को जानो की में कौन हूं । इस सृष्टि पर में क्यों आया हूं । पैसा कमाने के लिए, अपनी जिम्मेदारियां पूरी करने के लिए, भौतिक सुखों का आनंद लेने के लिए, या फिर लोगो की सहायता करने के लिए, लोगो का परमार्थ करने के लिए, तो दोस्तो यहां मै आपको बता दू ।

यदि आप ब्रह्म मूरत में उठते है तो आपको नेचर ने फोर्थ कैटेगरी में चुना है । जी है, पैसा कमाना अपनी जिम्मेदारियों को पूर्ण करना और भौतिक सुखों का आनंद लेना यह कार्य तो अच्छे बुरे सभी तरह के व्यक्ति करते है । किन्तु जीवन में यश, मन्न, प्रतिष्ठा प्राप्त करते हुए लोगो की सहायता करने के लिए देविक शक्तियां बहुत कम लोगो को चुनती है । और उनमें से आप भी एक होते है । जी हां, इसे ऐसे समझने का प्रयास करे। की इस सृष्टि पर आपको सोने के लिए नहीं भेजा गया है । सम्पूर्ण प्रथ्वी भूमंडल पर स्थित तेरह प्रतिशत लोगों में से आप भी एक है । जिनसे  देविक शक्तियां कुछ उमीद रखती है । आपके माध्यम से लोगो का हित करवाना चाहती है ।

तो दोस्तो अब बात यह आती है कि करोड़ों लोगो में से नेचर ने आपको ही क्यों चुना । और यदि चुन भी  लिया तो क्या हमे उसका फायदा उठाना चाहिए । और इसका फायदा उठाते भी है । तो हमे इसका क्या लाभ होगा तो दोस्तो यह बात तो आप लोग जानते ही होंगे । कि सुबह तीन से पांच की बेला को चोबीस घंटे में सर्वश्रे्ठ पद देते हुए अमृत बेला का नाम दिया गया है । जिसे ब्रह्म मूरत भी कहा जाता है । यह वह समय होता है जब देविक शक्तियों द्वारा प्रथ्वी पर अमृत बर्षा की जाती है । आपको यह बात भी ज्ञात होगी । की पूर्व समय में ऋषि मुनि ब्राह्मण प्रात:काल में ही पूर्ण संध्या किया करते थे । और फल स्वरूप उनकी वाणी के अंदर इतना अमृत और तेज हुआ करता था । कि जिसको जो आशीर्वाद दे दे । वो पूर्ण हो जाया करता था । ब्रह्म मूरत के समय अमृत बेला होती है । और इस बात को आप स्वयं भी देख सकते है । कि ब्रह्म मूरत में पेड-पोेधे, पशु-पक्षी, नदी-तालाब कितने प्रसन्न दिखते है । यदि समस्त प्रकार की मोह माया को छोड़ कर कभी आपने इस nature को feel किया होगा । तो आप भली भांति जानते होंगे कि ब्रह्म मूरत में सच में अमृत वर्षा होती है । और इस अमृत बेला में यदि आप उठते है । तो मेरा विश्वास मानिए । इस अमृत बेला के अंश आपको भी प्राप्त होते है । और परिणाम स्वरूप आपके अंदर इतनी पॉजिटिविटी आ जाती है । की आपकी पॉजिटिविटी का घेरा आपके घर । आपके परिवार, आपके ऑफिस जहां जहां आप जाते है उस स्थान को एक अलग सी पॉजिटिविटी दे देता है । और आपको और आपके परिवार को बड़ा खुशहाल बना देता है। अब । अभी तक आपने जितना जाना जिसके कारण प्रात: आपकी नींद क्यों खुलती है । इसका क्या कारण है और इसके क्या लाभ है । इतना तो आपकी समझ में आ ही गया होगा ।
किन्तु शास्त्रों में बताया गया है । कि यदि देविक शक्तियों का आप पर आशीर्वाद है । तो आप को ऐसा क्या करना चाहिए । की जिसके लिए आपको सृष्टि पर भेजा गया है । वह कार्य आप सकुशल कर पाए । तो दोस्तो मैं आपसे यही कहना चाहूंगा कि वीडियो को देखते देखते ही आप संकल्प ले की जब भी ब्रह्म मूरत में आपकी आंख खुल जाए तो आप कभी नहीं सोएंगे और यदि एकाएक आपके लिए यह संभव ना हो और निंद्रा का वेग बहुत अधिक हो तो भी आपको सीधे बैठ कर हाथ जोड़कर अपने इश्ठ देव को प्रणाम कर उनका धन्यवाद करना चाहिए की प्रभु आपका में तहेदिल से शुक्रगुजार हूं । की आपने मुझे इतना सुन्दर जीवन दिया और उस जीवन में एक और नया सवेरा देने के लिए आपका तेह दिल से शुक्रगुजार हूं । किन्तु दोस्तो, मैं आपको एक और चीज बता दू  की ये अबस्था आपको तभी करनी चाहिए । जब निद्रा का वेग बहुत अधिक हो । अन्यथा ब्रह्म मूरत में उठने के बाद पुनः नहीं सोना चाहिए । अन्यथा ब्रह्म मूरत में उठने के बाद सोच आदि से निरबत होकर अपने बेड आदि पर या ज़मीन पर जहां भी आप सोते है । ध्यान मुद्रा में आंख बंद करके अपनी बॉडी को बिल्कुल रिलैक्स होने दे समाज, परिवार, जिम्मेदारियां, धन दौलत इन सबसे परे होकर यह समय सिर्फ अपने आप  को दे । लंबी लंबी सांसें लेकर बाहर निकलते हुए ऐसा feel करे । कि मेरे शरीर के अंदर उपस्थित समस्त प्रकार की nigativity बाहर जा रही है । और जब सांस अंदर की तरफ ले तो ऐसा feel करे कि ब्रह्म मूरत में देवीक शक्तियों द्वारा  बांटा जाने वाला अमृत, प्रसाद मेरे शरीर में अंदर प्रवेश कर रहा है । शरीर के सारे बीकार बाहर निकलते हुए मेरे शरीर में सिर्फ और सिर्फ ऊर्जा का वास हो रहा है । मुझे नेचर  ने इस धरती पर लोगो की सहायता, लोगो का परमार्थ करने के लिए ही भेजा है । मित्रो में दावे के साथ कह रहा हूं । कि कुछ ही दिनों में आप स्वयं ही feel करने लगेंगे । की आपका पॉजिटिव एरा हर जगह काम कर रहा है । आप जो भी कार्य कर रहे है । वह बड़ी आसानी से पूर्ण होते जा रहे हैं । कई बार आपको ऐसा भी देखने को मिलेगा । की कोई कार्य आप सिर्फ सोच रहे है । उसको आपने किसी के साथ शेयर नहीं किया है । और आपके सोचते हुए ही वह कार्य हो गया । आपके जीवन में जिन भी व्यक्तियों के साथ आपका सम्पर्क है । वह आपको lucky charm मानने लगे है । आप जहां जा रहे है वहां एक पॉजिटिव औरा बनता जा रहा है । लोग अपने जीवन से जुड़ी समस्या को आप से पूछ कर अपने जीवन को खुशहाल बना रहे है । और आप जिस भी व्यक्ति को जिस भी कार्य का आशीर्वाद दे रहे है वह पूरा हो रहा है । और अंत्था आपके मन में यह सवाल आता है कि में लोगो की सहायता तो कर दूंगा । किन्तु मेरी जिम्मेदारियों का क्या होगा । 

तो मित्रो यहां में आपको बता दू लोगो का परमार्थ करने के साथ साथ आपको यह अनुभूति भी होगी की में एक सामान्य व्यक्ति की तरह धन कमाना, अपनी जिम्मेदारियां निभाना, व अपने परिवार के सदस्यों को भोतिक सुख तो प्रदान कर ही रहा हूं । साथ ही वह कार्य भी कर रहा हूं । जिसके लिए नेचर ने मुझे इस धरती पर भेजा है । और जब आप ऐसा कार्य करेंगे तो पूर्णतया आपको स्पष्टीकरण में यह अनुभूति भी होगी । की देवीक शक्तियां आपके साथ पूर्णतया कार्य कर रही है । मित्रो आशा करता हूं जो बात मै आपको समझाना चाहता था वो बात आप लोग भली भांति समझ गए होंगे । और प्रात: काल ब्रह्म मूरत में उठ कर बताई गई स्थिति का पालन करेंगे ।

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