Thursday, 5 December 2019

Vastu Shastra || नए घर में जा रहे हैं तो गृह प्रवेश करते वक्त इन बातों क...





नए घर में जा रहे हैं तो गृह प्रवेश करते वक्त इन बातों का रखें ध्यान ।


जब भी प्रॉपर्टी में निवेश की बात आती है तो घर का मालिक उसमें रहने से पहले गृह प्रवेश के लिए शुभ दिन तलाशते हैं। आज हम आपको इस समारोह की अहमियत बताने जा रहे हैं।

अगर घर खरीदने या नए घर में शिफ्ट होने की बात हो, तो भारत के लोग शुभ मुहूर्त को लेकर बड़े संजीदा रहते हैं। उनका मानना है कि अगर शुभ दिन गृह प्रवेश किया जाएगा तो यह सौभाग्य लाएगा। जब कोई नए घर में पहली बार जाता है, तब गृह प्रवेश कराया जाता है। यह सिर्फ घर के मालिक के लिए ही नहीं, बल्कि सभी लोगों के लिए बहुत जरूरी होता है। वास्तु के मुताबिक घर पांच तत्वों से मिलकर बना है, सूर्य, धरती, पानी, अग्नि और वायु और इन सभी का सही तालमेल ही घर में खुशियां, स्वास्थय और सुख-समृद्धि लाता है।

अगर शुभ समय में घर में प्रवेश किया जाए तो यह जिंदगी आसान बना देता है । और परिवार को नए घर में आने के बाद कम परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे मुहूर्त के लिए वसंत पंचमी, अक्षय तृतीया, गुडी पड़वा और दशहरा जैसे दिन शुभ माने गए हैं। जबकि उत्रायण, होली, अधिकमास और श्राद्ध पक्ष अशुभ  हैं।

अगर आप दशहरे पर नए घर में प्रवेश कर रहे हैं तो किसी शुभ समय की जरूरत नहीं है, क्योंकि इस दिन के हर लम्हे को शुभ माना गया है। गृह प्रवेश से पहले एक कलश पूजा भी होती है। इसके लिए तांबे के कलश को 9 तरह के अनाजों से भरा जाता है और एक सिक्का डाला जाता है। इसके बाद कलश पर एक नारियल रखा जाता है और घर का स्वामी पुजारी द्वारा कहे जाने वाले मंत्रों के साथ घर में प्रवेश करता है।

गृह प्रवेश करते वक्त क्या करें क्या न करें।

गृह प्रवेश तब ही करें जब नया घर परिवार के लिए रहने लायक हो। घर में काम पूरा होना चाहिए और इसमें नया paint होना चाहिए। अगर स्वतंत्र घर है तो छतें भी तैयार होनी चाहिए। घर में गेट, खिड़कियां और अन्य fittings भी पूरी होनी चाहिए। देवी-देवताओं की पूजा होनी चाहिए। घर के मुख्य द्वार पर स्वास्तिक और माता लक्ष्मी के पैरों के निशान बने होने चाहिए। घर के मुख्य द्वार को तोरण से सजाया जाना चाहिए। यह आम के पत्तों और गेंदे के फूलों से बना होता है। घर का मंदिर उत्तर-पूर्व दिशा में होना चाहिए व इसे गृह प्रवेश के दिन ही स्थापित करना चाहिए। यह घर के मालिक पर निर्भर करता है कि गृह प्रवेश समारोह छोटा हो या बड़ा। आमतौर पर नकारात्मक शक्तियों को खत्म करने के लिए हवन कराया जाता है। इसमें गणेश पूजा, नवगृह शांति, जिसमें 9 गृहों और वास्तु पूजा की जाती है। इस समारोह में आप पुजारी समेत जिन दोस्तों या रिश्तेदारों को बुलाते हैं, उन्हें खाना खिलाया जाता है। गृह प्रवेश होने के बाद परिवार नए घर में रह सकता है।

नए घर में गृह प्रवेश के लिए कुछ जरूरी टिप्स।

गृह प्रवेश हमेशा शुभ दिन ही करें। देवी-देवताओं की मूर्तियों को घर की पूर्व दिशा की ओर रखना चाहिए।

पूजा कराने से पहले घर को अच्छे से साफ करें। इसके लिए आप पानी में नमक घोलकर फर्श धो सकते हैं। यह नकारात्मक शक्तियों को दूर करता है।

घर में प्रवेश के दौरान सीधा पैर पहले रखें।

घर के मेन गेट को अच्छे से सजाएं, क्योंकि इसे सिंह द्वार कहा जाता है यानी वास्तु पुरुष का चेहरा। इसे आम की पत्तियों और ताजे फूलों से सजाएं।

फर्श पर चावल के आटे और शानदार रंगों से रंगोली बनाएं। माना जाता है कि रंगोली बनाने से माता लक्ष्मी आती हैं।

आसपास की जगह को शुद्ध करने के लिए हवन किया जाता है। जो जड़ी-बूटियों और लकड़ी को आग में डाल कर पूर्ण किया जाता है ।

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